ईरान पर इजराइल का हमला

शनिवार की सुबह पुरे मध्यपुर्व के लिए एक भयावह सुबह थी 28 फरवरी की सुबह को अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया इजराइल की एयर फोर्स ने ईरान की राजधानी तहरान समेत कई शहरों पर हमला कर जंग की शुरुआत की, यह खुली चेतावनी थी ईरान और पुरी IRGC को इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई, यह एक अंतर्राष्ट्रीय विवाद का कारण बन सकता है जिससे कई देश इसकी ज़द में आएंगे यह हमला इसराइल ने अमेरिका की मदद से किया है, इस हमले के तुरंत बाद इसराइल ने अपने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है की सभी इजरायली नागरिक सुरक्षित जगह पर रहे, सके जवाब में ईरान ने इजरायल की राजधानी तेल अभी पर ड्रोन हमला किया और साथ ही ईरान ने मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेसस पर भी ड्रोन और मिसाइल हमला किया

ईरान का जवाब

खतरे की घंटी यह है की इसमें सीधे-सीधे अमेरिका का भी इंवॉल्वमेंट है, अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों के द्वारा यह कहा गया है कि ईरान इस हमले के बाद चुप नहीं बैठेगा और वैसा ही हुआ ईरान ने हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल की राजधानी तेलअवीव अभी पर हमला किया और साथ ही मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर(कतर कुवैत यूएई बहरीन और ओमान)भी हमला किया यह जंग सिर्फ इजरायल पलेस्टाइन कि नहीं है ना ही है इजराइल और ईरान की जंग है, जिसके प्रभाव में पुरा मिडल ईस्ट आ सकता है

भारत पर प्रभाव

ईरान भारत का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दोस्त और पार्टनर रहा है पर्शियन साम्राज्य के समय से भारत और ईरान जो कि उसे समय पर्शिया हुआ करता था के साथ संबंध काफी अच्छे और दोस्ताना रहे हैं उसके बाद मुगल और अंग्रेजी सरकार के बाद भारत सरकार ने भी ईरान के साथ अपने संबंध बनाए रखे हैं, लेकिन हालात बदले ईरानियन रिवॉल्यूशन 1979 जब हुआ उसके बाद हालत काफी बदले अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा हुई लेकिन भारत अपने संबंधों पर अडिग रह | लेकिन 2014 के बाद नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसराइल से संबंध स्थापित करने की पुनः कोशिश की और 2017 में पहली बार भारतीय प्रधानमंत्री इजरायली धरती पर गया जिससे ईरान और भारत के संबंधों पर काफी फर्क पड़ा लेकिन भारत ने ईरान के साथ संबंध बनाए रखें पर अमेरिका (जिसका नेतृत्व उस समय डोनाल्ड ट्रंप कर रह थे) ने भारत पर दबाव बनाया की भारत ईरान से तेल ना खरीदे जिसके चलते भारत और ईरान के संबंधों में थोड़ी खटास तो आई लेकिन भारत की विदेश नीति ने हालात संभाले और ईरान के साथ संबंध बिगड़े नहीं, ईरान जो कि फलस्तीन के समर्थन में हमेशा खड़ा रहा है और भारत के संबंध इजरायल के साथ ज्यादा मजबूत दिखाई देते हैं दोनों ही पक्ष और विपक्ष में हर कुछ सालों में सामने सामने खड़े दिखाई देते हैं, हालात फिर वही आ चुके हैं जहां भारत को दोनों देशों यानी ईरान और इजरायल के साथ संबंध में और निष्पक्ष रहकर अपनी विदेश नीति निर्धारित करनी होगी यही भारत के हक में बेहतर होगा क्योंकि ईरान हमारा ऐतिहासिक दोस्त है और इसराइल भविष्य का दोस्त और साथी…

सोने चांदी की कीमतों में उछाल

कई कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार सोने और चांदी की कीमतों में उछल सकता है सोना 1.67 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1.90 तक पहुंच सकता है और साथ ही चांदी 2.60 प्रति किलो से बढ़कर 3.50 रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकता है

शेयर मार्केट में बदलाव

शेयर बाजार में 1-1.5% तक गिरावट आ सकती है यानि सोमवार को सेंसेक्स 1300 अंक और निफ्टी 300 अंक तक नीचे गिर सकता है

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